धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर
ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी हमीरपुर द्वारा शोध संस्थान के संस्थापक श्रद्धेय ठाकुर रामसिंह के 109वां जन्मदिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस असवर पर शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. प्रेम कुमार खोसला, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. गौतम व्यथित, सेवानिवृत सह-आचार्य एवं डॉ. किस्मत कुमार मुख्यवक्ता के रूप में रहे। उन्होंने इस अवसर पर ठाकुर रामसिंह जी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने इतिहास के नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है उन्होंने कहा कि आज आधुनिकता के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना समय की जरूरत है। हमें अपनी समृद्ध संस्कृति को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से समाज में तेजी से परिवर्तन देखा जा रहा है जिसके कारण आज की युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति और संस्कारों से विमुख होती जा रही है। प्रो. खोसला ने कहा कि हम पुरातन परम्पराओं को भूलते जा रहे है और हमने रोजमर्रा के कार्य में भी काफी बदलाव ला दिया है। जिसके कारण हमारा जीवन नीरस होता जा रहा है। इसलिए हमें अपनी सभ्यता व संस्कृति पर पुनः विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने आह्वान किया कि महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और शोध संस्थान केन्द्रों में नई पुस्तकों का अध्ययन करके शोध के कार्यों में भी बल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास और सांस्कृतिक परम्पराएं हमारी पहचान होती हैं और इनको बनाए रखने के लिए नई-नई पुस्तकों का अध्ययन करना बहुत जरूरी है। जिसके कारण हम अपने इतिहास और संस्कृति को जीवित रख सकते हैं।
इस असवर पर संस्थान के निदेशक सुरेन्द्र नाथ शर्मा, विजय शर्मा, प्यार चन्द परमार, प्रेम सिंह भरमौरिया, प्रो. नारायण सिंह राव, डॉ. विकास शर्मा, जगवीर चंदेल एवं कोषाध्यक्ष देशराज शर्मा, डॉ. विनय शर्मा लगभग 250 विद्वान, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं स्थानीय जन उपस्थित रहे।
Author: Dharampur Express
Himachal Pradesh






