धर्मपुर एक्सप्रेस। धर्मशाला
धर्मशाला के तपोवन विधानसभा परिसर में आज शीतकालीन सत्र के आठवें और अंतिम दिन एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। नशे के खिलाफ लड़ाई में सत्ता पक्ष और विपक्ष एक मंच पर दिखे। मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित दोनों दलों के विधायक और मंत्री एक साथ बाहर आए और नशा उन्मूलन के पक्ष में जोरदार नारे लगाए।
विधानसभा के गेट नंबर–1 के बाहर नशे के खिलाफ हल्ला बोलते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने “चिट्टा भगाना है… हिमाचल को बचाना है” के नारे लगाए। यह पहला मौका है जब सदन के भीतर भले राजनीतिक मतभेद रहे हों, लेकिन बाहर नशे के मुद्दे पर सभी नेता एक सुर में दिखाई दिए।
नेताओं ने कहा कि नशे का मुद्दा राजनीति से कहीं ऊपर है, और इसे केवल सामूहिक प्रयासों से ही समाप्त किया जा सकता है। प्रदेश में बढ़ती नशाखोरी को रोकने, युवाओं को जागरूक करने और ड्रग माफिया पर सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता पर सभी ने जोर दिया। इस संयुक्त प्रदर्शन ने स्पष्ट संदेश दिया कि हिमाचल में नशा मुक्त समाज बनाने के लिए अब राजनीतिक एकता भी तैयार है।
“नशा हिमाचल के भविष्य पर बड़ा खतरा है। यह हमारी सामूहिक लड़ाई है। सरकार पूरी मजबूती से कार्रवाई कर रही है और हम विपक्ष के साथ मिलकर इस लड़ाई को और मजबूत करेंगे।
पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि नशे का मुद्दा किसी एक दल का नहीं, पूरे समाज का है। हम सरकार के साथ इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। हिमाचल को नशा मुक्त करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि चिट्टा खत्म करना समय की जरूरत है। सत्ता और विपक्ष ने आज एकजुट होकर संदेश दिया है कि नशे के खिलाफ कोई समझौता नहीं होगा। युवाओं को बचाने के लिए हर कदम उठाया जाएगा।
Author: Dharampur Express
Himachal Pradesh






