धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर
प्रदेश के तीन प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पाई गई गंभीर अनियमितताओं पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा जारी चेतावनियों के बावजूद राज्य सरकार की चुप्पी पर बड़सर से भाजपा विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की दिशाहीनता और लापरवाही का परिणाम है, जिससे प्रदेश के हजारों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
विधायक लखनपाल ने कहा कि हमीरपुर, नाहन और चंबा के मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी, इन्फ्रास्ट्रक्चर की खामियां, परीक्षा रिकॉर्डिंग की विफलता और आवश्यक दस्तावेजों के अभाव जैसी गंभीर कमियां सामने आई हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
विधायक ने जानकारी दी कि 11 जून को NMC द्वारा वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनवाई बुलाई गई है, जिसमें मेडिकल कॉलेजों की मान्यता और सीटों के नवीनीकरण पर निर्णय हो सकता है। यदि सरकार ने सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो इन कॉलेजों की एमबीबीएस सीटें रद्द हो सकती हैं।
विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल की सरकार से मांगें:
1. तीनों मेडिकल कॉलेजों की आंतरिक ऑडिट तत्काल करवाई जाए।
2. दोषी अधिकारियों व कॉलेज प्रबंधन की जिम्मेदारी तय हो।
3. चिकित्सा शिक्षा विभाग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए।
4. छात्रों की पढ़ाई और भविष्य पर संकट न आए, यह सुनिश्चित किया जाए।
5. मुख्यमंत्री स्वयं मामले में हस्तक्षेप कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनकल्याण और युवा हितों की रक्षक है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी यूं ही बनी रही, तो पार्टी स्तर पर भी इस विषय को गंभीरता से उठाया जाएगा।
Author: Dharampur Express
Himachal Pradesh






