धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर
विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर में 10 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के भाजपा प्रत्याशी ईं. आशीष शर्मा ने मंगलवार दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर हमीरपुर के समक्ष अपना नामांकन पर दाखिल किया। इस मौके पर उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल व बीजेपी प्रत्याशी आशीष की धर्मपत्नी स्वाति शर्मा मौजूद रहीं।
नामांकन से पूर्व मंगलवार सुबह करीब दस बजे हमीरपुर के ऐतिहासिक गांधी चौक पर हमीरपुर भाजपा की ओर से विजय संकल्प रैली व जनसभा का आयोजन भी किया गया। इसमे पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, सांसद अनुराग ठाकुर, उपचुनाव प्रभारी रणधीर शर्मा, सह प्रभारी त्रिलोक जंवाल, संयोजक बिहारी लाल, सह संजोयक दलीप ठाकुर, धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा, बड़सर से आईडी लखनपाल, सहित पूर्व विधायक, भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता विशेष रूप से मौजूद रहे। इस विशाल जनसभा में हजारों लोगों ने एक स्वर में भाजपा प्रत्याशी को भारी बहुमत से विजय दिलाने का संकल्प लिया। इस मौके पर आशीष शर्मा ने शिव भगवान की स्तुति गाकर अपने संबोधन का आरम्भ किया। उन्होंने कहा कि एकादशी के पावन दिवस पर आज नामांकन भरने जा रहा हूं। उन्होंने भारी संख्या में जनसभा में पहुंचे लोगों का आभार व अभिनंदन किया। उन्होंने अनुराग ठाकुर को भी पांचवीं बार सांसद बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि जनसभा में पहुंचे जनसैलाब ने तय कर दिया है कि इस बार हमीरपुर से भाजपा रिकॉर्डतोड़ मतों से विजयी होगी। आशीष ने कहा कि इस जनसैलाब ने यह साबित किया है कि आप अपने बेटे के लिए यहां आए हैं। उसके बाद आशीष शर्मा ने मंच से बताया कि आखिर उन्हें क्योंकि इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद बतौर निर्दलीय विधायक सरकार को समर्थन दिया और मुख्यमंत्री का पहला कार्यक्रम भी हमीरपुर में मैने ही करवाया। लेकिन मुख्यमंत्री ने एक चुने हुए विधायक को दरकिनार किया। हर बार लोगों के कामों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने गया, लेकिन मुख्यमंत्री ने चार-चार दिन दफ्तर के बाहर बैठाए रखा। आशीष ने कहा कि क्यों चुने हुए नौ विधायक उन्हें छोड़ कर गए, यह मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए व आत्ममंथन करना चाहिए। उनके ही जिले के तीन विधायकों को क्यों उनका साथ छोडऩा पड़ा। आशीष ने कहा कि जब मुझे लगा कि मुख्यमंत्री को अपने ही जिले के लोगों के काम करने में दिलचस्पी नहीं है तो हम क्यों और आखिर कब तक उनके आगे-पीछे घूमते रहते। आशीष ने कहा कि मुझे 2 लाख रुपए प्रति महीना वेतन मिलता था। मैं चाहता तो आराम से वेतन लेकर पांच साल गुजार देता। लेकिन मैंने जो चुनावों से पहले आपसे वायदे किए थे वो मुझे पूरे करने थे। उन्होंने कहा कि आपसब जानते हैं मैंने आज तक वेतन का एक रुपया भी खुद पर खर्च नहीं किया। सारा जनता के कामों में लगाया। जब मंै विधायक नहीं भी था तो भी अपनी जेब से पैसे खर्च करके जरूरमंदों की मदद के लिए हर वक्त आगे रहा। आशाीष ने दोहराया कि मैं अपको बेटा हूं और हमेशा आपकी सेवा में हाजिर रहूंगा।
मुख्यमंत्री आएंगे और फिर जनता को बरगलाएंगे
सीएम को घेरते हुए आशीष ने कहा कि अब मुख्यमंत्री चुनावों में आएंगे और लोगों को बरगलाएंगे कि ये खनन माफिया हैं, बिके हुए हैं लेकिन मेरी देवतुल्य जनता सब जानती है क्यूंकि मेरा जन्म यहीं हुआ, बचपन यहीं बीता और कारोबार भी यही कर रहे हैं व प्राण भी यहीं त्यागने हैं। जनता मेरे बारे में सब कुछ जानती है। अब जनता तय करेगी व भाजपा के पक्ष में भारी संख्या में मतदान कर झूठे व फरेबी मुख्यमंत्री को जबाव देगी। आशीष शर्मा ने कहा कि आपका यह बेटा आपके आत्मसम्मान की लड़ाई लड़ रहा है। क्योंकि विधायक जनता द्वारा चुना जाता है और उसे दरकिनार करना जनता के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचना है।
केंद्र में बीजेपी सरकार है, सांसद भी यहां के हैं
आशीष शर्मा ने कहा कि विधायक बनने के बाद भी विकास कार्यों को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, केंद्र में भाजपा सरकार है और सांसद भी भाजपा के हैं। इसलिए विकास कार्यों में कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश की निक्कमी सरकार ने एक भी रोजगार हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र में नहीं दिया, उल्टा रोजगार देने वाले कार्यालय को ही बंद कर दिया। ऑपरेशन थिएटर अटेंडेंट का परिणाम इसलिए घोषित नहीं हुआ क्योंकि सरकार ने एजेंसी को भुगतान ही नहीं किया है और वायदे सरकार बड़े बड़े कर रही है।
Author: Dharampur Express
Himachal Pradesh






