धर्मपुर एक्सप्रेस। कांगड़ा
देव भूमि हिमाचल प्रदेश के पांच शक्तिपीठों में से एक शक्ति पीठ मां ब्रजेश्वरी माता कांगड़ा मन्दिर परांगन में स्थित जमानाबाद गांव के शिव मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय मां बगलामुखी महायज्ञ के तीसरे दिवस पर यज्ञ आचार्य अखिल भारतीय सन्त परिषद् के हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा प्रभारी यति सत्यदेवानंद सरस्वती जी महाराज शिष्य महामंडलेश्वर यति नरसिंहानन्द गिरी जी ने श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा ने प्रवचन में कहा है कि यज्ञ, दान और तप भगवान श्री कृष्ण जी ने तीन करणीय कर्म बताएं जो जो कभी नहीं त्यागने चाहिए। जो मनुष्य यह कर्म त्यागता है उनके लिए यह जीवन मिथ्या है। यज्ञ, दान, और तप न करने वाले इंसानों के लिए इस लोक में तो क्या किसी भी लोक में कोई स्थान नहीं है।
उन्होंने कहा कि हमारी कुल परंपरा नष्ट होने के कारण तथा सनातन धर्म में कृतियां आने के कारण हमसे सब कुछ छीनता गया। कांगड़ा माता मन्दिर का इतिहास अगर हम लोग नही भूलते तो आज देव भूमि हिमाचल प्रदेश हमारे हाथों से नही जाता।
जिन्होंने शक्ति पीठों को कई बार लुट कर कंधार और मुगलिस्थान के गए आज उनके वंशजों का क्षेत्र में आबादी बढ़ रही है देव भूमि कहे जाने वाले प्रदेश के कई हिस्सों पर इन्होंने कब्जा कर लिया है सरकारों द्वारा इस पावन धरा पर कई कत्लखाने खुलवा दिए गए हैं। जिनके लिए कोई भी संघठन या कोई भी दल आवाज नहीं उठा रहा है कोई अगर इक्का दुक्का आवाज उठाता भी है तो उसकी आवाज को दवा दिया जाता है।
इसलिए सम्पूर्ण मानव जाति को लिए भगवान श्री कृष्ण द्वारा दिए गए आदेशों पर चलना होगा तभी यह देव भूमि बचेगी तभी यह धारा बचेगी।
इस अवसर पर मास्टर बीरबल, राजेश चौधरी, कुलदीप चौधरी, अशोक चौधरी, गोल्डी चौधरी, संजीव चौधरी, अंकित, सारिका देवी, कमला देवी, सुरेखा देवी, इन्दु देवी सहित गांव के लोगों ने आहुति डाल कर पुण्य अर्जित किए।
Author: Dharampur Express
Himachal Pradesh






