विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर अपनी महिला विरोधी मानसिकता को किया उजागर: जयराम ठाकुर

धर्मपुर एक्सप्रेस। मंडी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शनिवार को अपने गृह क्षेत्र सराज के थुनाग में महिलाओं के साथ विशाल रोष प्रदर्शन में भाग लेते हुए कांग्रेस और उसके सहयोगी विपक्षी दलों की महिला विरोधी सोच पर जमकर प्रहार किया और कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का विरोध करके इन दलों ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकार देने के पक्ष में नहीं हैं, जिसके लिए देश की मातृशक्ति उन्हें कभी क्षमा नहीं करेगी।

 

जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी केवल एक गांधी परिवार तक ही सीमित होकर रह गई है और वह राजनीति के क्षेत्र में अन्य प्रतिभावान महिलाओं को आगे आने का अवसर प्रदान नहीं करना चाहती, यही कारण है कि दशकों के लंबे इंतज़ार के बाद मातृशक्ति को मिलने वाला आरक्षण का अधिकार आज कांग्रेस की महिला सशक्तिकरण विरोधी राजनीति की भेंट चढ़ गया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि महिलाओं के साथ किया गया यह व्यवहार केवल नाइंसाफी नहीं बल्कि एक अक्षम्य अपराध है जिसे देश की जनता कभी नहीं भूलेगी, हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारतीय जनता पार्टी नारी शक्ति को उनके वास्तविक अधिकार दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता और लड़ाई को निरंतर जारी रखेगी।

 

नेता प्रतिपक्ष ने इस बात पर भी गहरा रोष प्रकट किया कि महिला आरक्षण एवं परिसीमन विधेयक का विरोध करने के पश्चात कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने अपनी इस संकीर्ण मानसिकता पर जश्न भी मनाया, जो अत्यंत शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। सराज के थुनाग में हुए इस प्रदर्शन के माध्यम से क्षेत्र की महिलाओं ने कांग्रेस के इस कृत्य के विरुद्ध अपनी आवाज़ बुलंद की, जिसके उपरांत जयराम ठाकुर ने विधानसभा क्षेत्र के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगामी रणनीति पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी साझा किए।

 

*डीजीपी के विरुद्ध वायरल पत्र पर प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया*

 

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे राज्य के पुलिस महानिदेशक के विरुद्ध एक पत्र का उल्लेख करते हुए प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया और मुख्यमंत्री से तीखा सवाल पूछा कि आखिर प्रशासन में यह क्या चल रहा है। उन्होंने हैरानी जताई कि मुख्य सचिव के बाद अब डीजीपी जैसे उच्च पदस्थ अधिकारी पर उनके अधीनस्थ अधिकारी ही गंभीर सवाल उठा रहे हैं। मर्यादाहीन अभद्र शब्दों में लिखे गए पत्र का संज्ञान तक नहीं लिया गया है। पत्र में जिन घटनाओं का विवरण है वह और भी दिलचस्प हैं। मुख्यमंत्री इस पूरे घटनाक्रम पर मौन साधे हुए हैं। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री को चेताते हुए कहा कि ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नाम पर कम से कम कुछ तो व्यवस्थित रहने दिया जाए और इस प्रकार से प्रशासन की अराजकता पर आँखें मूँद लेना प्रदेश के भविष्य के लिए अत्यंत घातक सिद्ध होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आज प्रदेश की जनता पूरी तरह त्रस्त है, कानून व्यवस्था पूरी तरह रसातल में जा चुकी है और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर कीचड़ उछाल रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री जी इस बेबसी और अव्यवस्था के बीच झूठ का पुलिंदा लेकर बिहार और असम के बाद अब बंगाल के दौरों में व्यस्त हैं।

 

*पीएमजीएसवाई-3 की समय सीमा बढ़ाने के लिए जताया प्रधानमंत्री का आभार*

 

जयराम ठाकुर ने कैबिनेट द्वारा प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना के फेज की समय सीमा बढ़ाकर

31 मार्च 2028 करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि योजना की समय सीमा बढ़ाने और परियोजना के बजट में 3727 करोड़ रुपए की वृद्धि से प्रोजेक्ट्स के पूरी होने की राह होगी आसान। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य को इस विस्तार का भरपूर लाभ मिलेगा।

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh