दो दिन की बारिश ने खोल दी निर्माण कंपनी की पोल, एनएच-03 पर सफर जोखिम भरा 

धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर

दो दिन की बारिश ने एनएच-03 कंपनी के कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं NH पर लगाए गए कंपनी द्वारा डंगे गिर गए हैं तो वहीं सड़क पर भी हालत खराब है। अभी बरसात आना बाकी है दो दिन की बारिश ने ही हालत खराब कर दिए हैं तो आप सोच सकते हैं की बरसात में एनएच-03 का हाल क्या होगा निर्माण कंपनी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

अटारी को लेह से जोड़ने वाले हमीरपुर-मंडी नेशनल हाईवे नंबर 03 पर हर बारिश के साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खुल रही है। हालात इतने खराब हैं कि सड़क कई जगहों पर कीचड़ में तब्दील हो चुकी है और वाहन फंस रहे हैं। यह स्थिति न केवल आम लोगों की परेशानी बढ़ा रही है । इस सेक्शन मे पहले भी खराब रोड के कारण हादसे हो चुके हैं। कई आंदोलन, कोर्ट केस, विधानसभा में विधायकों द्वारा मुद्दे उठाने के बावजूद , अनशन और जन आक्रोश के बावजूद हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।

 

हमीरपुर के अणु से लेकर दरोगण तक जहां पूरी टायरिंग और रोड मार्किंग होनी थी, वहां सिर्फ खानापूर्ति करते हुए पैच वर्क कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि पिछले दो दिन की बारिश ने ही इस पैच वर्क ने उखाड़ना शुरू कर दिया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं झनिक्कर में बारिश के दौरान डंगा ध्वस्त होने से निर्माण पर सवाल उठ रहे हैं। यहां झनिक्कर में बेतरतीब तरीके से लगाया गया डंगा बारिश में धड़ाम हो गया। यह घटना साफ दर्शाती है कि निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है।

 

इसके अलावा दरोगण से दरकोटी तक का सफर खतरे में हो गया है। दरोगण से दरकोटी तक मलबे के ढेर पर क्रेश बैरियर लगाए जा रहे हैं, जो खुद खतरे का संकेत बन गए हैं। बराड़ा के पटनौण चौक पर हुई खुदाई से आसपास के मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है, जिससे स्थानीय लोग भय और आक्रोश में हैं।

 

इस सारे मामले में प्रशासन की और एजेंसियों की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है।

विवादित स्थलों पर प्रशासन, NHAI और MoRTH की चुप्पी लोगों को खल रही है। निर्माण कंपनी कब तक क्लीयरेंस रिपोर्ट सबमिट करेगी, इसको लेकर भी कोई स्पष्टता नहीं है। जिम्मेदार विभागों की इस उदासीनता से लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

 

नेशनल हाईवे-03 की यह स्थिति साफ संकेत देती है कि निर्माण में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। हर बारिश में सड़क की पोल खुल रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मौन हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक लोगों की जान जोखिम में डालकर ऐसे ही काम चलता रहेगा?

 

वहीं हाइवे इंजीनियर अंकित सिंह ने कहा कि लगातार बारिश से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। डंगा क्यों गिरा इसकी जांच की जा रही है। बारिश रुकते ही निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जाएगा।

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh