स्मार्ट मीटर बिजली खपत मापने का डिवाइस, टैरिफ बढ़ने-घटने से कोई लेनादेना नहीं

धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर 

हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड ने एक बार फिर दोहराया है कि स्मार्ट मीटर सिर्फ बिजली की खपत मापने का एक डिवाइस है, ठीक वैसे ही जैसे पुराना मीटर होता था। इस मीटर से किसी भी तरह का टैरिफ बदलाव नहीं होता है। टैरिफ संबंधी निर्णयों का इस मीटर से कोई लेना-देना नहीं है।

हमीरपुर परिचालन वृृत के अधिक्षण अभियंता ईं0 आशीष कपूर ने कहा है कि सोशल मीडिया पर चल रहा विरोध और गुमराह करने वाली बातें सही जानकारी की कमी का नतीजा हैं, जहां तथ्यों को बेवजह तोड़-मरोड़ कर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। इसके मद्देनजर 9 फरवरी से 23 फरवरी तक विशेष रूप से स्मार्ट मीटर के बारे सही जानकारी के लिए बोर्ड द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके परिणामस्वरूप स्मार्ट मीटर के प्रति विद्युत उपभोक्ताओं को सही जानकारी प्राप्त हुई है और अब विद्युत उपभोक्ता स्वयं अपना पुराना मीटर, स्मार्ट मीटर से बदलने के लिए आगे आ रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पुराने मीटरों में कभी-कभी बिल मासिक आधार पर औसत रीडिंग पर दिए जाते थे, भले ही उपभोक्ता बिजली का इस्तेमाल न कर रहे हों, लेकिन स्मार्ट मीटर में, वास्तविक खपत को वास्तविक उपयोग के आधार पर सत्यापित किया जा सकता है। अगर उपभोक्ता बिजली का इस्तेमाल नहीं कर रहा है तो नियमित रूप से कोई औसत बिल नहीं आएगा। स्मार्ट मीटर में खपत का डेटा अपने आप एक सेंट्रल डेटा सेंटर में भेजा जाता है। यह सिस्टम सिर्फ बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर ऑनलाइन सेवाएं, सटीक बिलिंग और बेहतर सुविधा देने के लिए शुरू किया जा रहा है।

यह बदलाव दडिवाइस बदलने से कहीं ज्यादा है। यह अनुमानित या मैनुअल बिलिंग से रियल-टाइम डेटा आधारित सिस्टम की ओर एक बदलाव है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को अगर कोई गड़बड़ी लगती है, तो मौजूदा मीटर के साथ दूसरा स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति देने के आदेश भी जारी किए गए हैं। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो वे अपने संबंधित बिजली सब-डिवीजन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

उन्होंने जनता से आग्रह किया कि हमीरपुर विद्युत वृत के अन्तर्गत पारदर्शिता, दक्षता और उपभोक्ता-अनुकूल सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। लोग अफवाहों या गलत सूचनाओं पर विश्वास न करें, बल्कि वेरिफाइड और प्रामाणिक जानकारी पर भरोसा कर स्मार्ट मीटर लगवाएं। उन्होंने आगे कहा कि उपभोक्ता अपनी मर्जी से प्रीपेड मीटर लगवा सकते हैं। अभी जो स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं उनमें महीने के बाद बिल आने की तिथि से भी आगे 15 दिन का नोटिस मिलेगा और 15 दिन के अन्दर उस उपभोक्ता को बिल देय करना होगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आजकल जब मीटर बदले जा रहे हैं तो पुराने मीटर की रिडिंग ली जा रही है। यह स्वभाविक है कि कर्मचारियों से कई बार इसमें त्रुटि रह जा रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हमीरपुर जिला में कई विद्युत बिलों के बढे होने के मामले सामने आये और उपभोक्ताओं के बोर्ड को संपर्क करने के बाद बिलों में मानव त्रुटियों को सही कर बिल बहुत कम निकले। यह आज की ही बात नहीं है, कुछ वर्षों से ऐसे मामले बोर्ड के पास आ रहे थे कि गलत रीडिंग पढने और त्रुटिपूर्ण बिलिंग से बिजली उपभोक्ताओं के बिल ज्यादा निकले। इन्हीं उपभोक्ताओं की शिकायतों के मद्देनजर बिल रीडिंग को मानव हस्तक्षेप से अलग किया गया और इस तरह स्मार्ट मीटर को लगाने का एक मुख्य कारण यह भी बना कि विद्युत बिल, मानव हस्तक्षेप के बिना स्वतः ही उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाईल तथा बोर्ड के डाटा सेंटर में पहुंचे, जिससे त्रुटि की कोई सम्भावना न रहे तथा उपभोक्ता को बिल्कुल भी हानि न हो। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर बगैर इंटरनेट कनेक्शन के भी चलेगा और विद्युत उपभोक्ता को मोबाईल पर ही एसएमएस के जरिये बिजली खपत का बिल प्राप्त होगा।

 

रीडिंग लेने वालों की गड़बड़ी पकड़ी, शिकायत की जांच पर मात्र 819 रुपये रह गया बिल

बिजली अधिकारियों की जांच में वास्तविकता भी सामने आ रही है कि मीटर रीडर्स द्वारा पुराने मीटर की वास्तविक रीडिंग न लेकर मनमर्जी से कम रीडिंग का बिल बनाया गया था, जबकि कई जगह मीटर रीडिंग ही गलत नोट की गई थी। हमीरपुर जिला में भी कई विद्युत बिलों के बढे होने के मामले सामने आये और उपभोक्ताओं ने बोर्ड से संपर्क कर विद्युत बिलों में मानव त्रुटियों को सही करवाया। जिससे उनके बिल बहुत कम निकले। हमीरपुर विद्युत उप-मंडल के अंतर्गत ही चार ऐसे उपभोक्ता पाए गए जिनका बिल पहले हजारों में था, जबकि जांच करने के बाद मात्र कुछ ही रुपये रह गया। उपभोक्ता प्रमोद सिंह, ग्राम जटरी का बिल पहले 85,771 रुपये आया था, लेकिन जांच के बाद 819 रुपये ही रह गया। इसलिए बिजली उपभोक्ताओं से उनकी अपील है स्मार्ट मीटर का विरोध करने के बजाय इसके बारे में जानें और इन्हें लगवाएं। इससे बिजली बिल औसत नहीं वास्तविक खपत के आधार पर आएगा।

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh