मंदिरों में राजनीति और गंदगी है तबाही का कारण

धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर

हिमाचल प्रदेश में भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर के महंत राजिंदर गिरी ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने राज्य में जारी तबाही का कारण प्रकृति के साथ खिलवाड़ और देवी-देवताओं के स्थानों पर हो रही अवमानना को बताया है।

 

महंत गिरी ने कहा कि यह आपदा कोई सामान्य घटना नहीं है। इसका मुख्य कारण देव स्थानों पर फैलाई जा रही गंदगी और मंदिरों में की जा रही राजनीति है। ऋषि-मुनियों ने पहले ही चेतावनी दे दी थी। मंदिरों को महज पर्यटक स्थल बना दिया गया है, जिससे देवी-देवता रुष्ट हैं। इससे देव परंपरा टूट रही है।”

उन्होंने पर्यावरण विनाश पर चिंता जताते हुए कहा, “हर जगह पेड़ों को काटा जा रहा है। हर जगह बेतहाशा निर्माण और ब्लास्टिंग की जा रही है, जिससे पहाड़ अस्थिर हो रहे हैं। जो पहाड़ सदियों से स्थिर थे, वो अब खिसक रहे हैं। विज्ञान भी इन प्राकृतिक कोप के आगे फेल होता नजर आ रहा है।”

 

महंत ने इस साल मणिमहेश यात्रा और किन्नर कैलाश जैसी पवित्र यात्राओं में हुए हादसों का जिक्र करते हुए कहा, “ब्राह्मणी माता ने मणिमहेश यात्रा के लिए पहले ही चेतावनी दी थी, लेकिन हमने नहीं माना। सदियों पुरानी परंपरा के बावजूद भक्त पवित्र डल झील तक नहीं पहुंच पाए। श्रीखंड यात्रा के मामले में भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सवाल यह है कि जब चेतावनी पहले ही मिल गई थी, तो सरकार ने ठोस कार्यवाही क्यों नहीं की?”

महंत ने बताया कि इस आपदा का असर बाबा बालक नाथ मंदिर पर भी पड़ा है। “हर रविवार को यहाँ श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता था, लेकिन आज हालत यह है कि बाहरी राज्यों के भक्त रास्ते बंद होने के कारण बाबा के दरबार में नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है।”

 

महंत गिरी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “मंदिर का दान जनता की श्रद्धा है, जो भगवान को अर्पित की गई है। इस पैसे का उपयोग केवल मंदिर, गौ-सेवा या धार्मिक कार्यों में होना चाहिए। लेकिन देखा जा रहा है कि सरकारी मंदिरों से भी चंदा इकट्ठा किया जा रहा है और इस पवित्र राशि का उपयोग राजनीतिक कार्यों में किया जा रहा है। यह सीधे-सीधे भक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।”

उनका कहना था कि जब तक देव स्थानों की पवित्रता बरकरार नहीं रखी जाएगी और प्रकृति से छेड़छाड़ बंद नहीं होगी, तब तक ऐसे हालात बने रहेंगे।

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh