धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर
राजकीय उच्च पाठशाला स्वाहल के मुख्याध्यापक सदीप ढढ़वाल ने बताया कि बच्चों को खेल दिवस के वारे के विस्तार से जानकारी दी । जैसे कि खेलो का मुख्य उद्देश्य है कि आप दिन का एक घंटा खेल के मैदान में प्रतिदिन विताएं।
इस मौके पर मेजर ध्यानचंद की जीवनी पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला गया ।
इस अवसर पर पाठशाला में खेलकूद प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें हाकी, एवं अन्य खेलो का आयोजन किया गया। बच्चों को यह भी बताया गया कि 1936 की ओलापेक्स में जब भारत ने स्वर्ण पदक जीता तो जर्मनी के शासक ADOLF HITLER ने ध्यान चन्द के खेल से इतने प्रभावित हुए कि HITLER ने उनको जर्मन की नागरिकता का प्रस्ताव रखा व उन्हें जर्मन सेना में कर्नल के पद पर सुशोभित करने का निमंत्रण दिया। परन्तु मेजर ध्यान चंद ने इस निमंत्रण को ठुकराकर अपने देश प्रेम को सरोवोपरी रखते हुऐ जर्मनी की नागरिकता व कर्नल का पद लेने से इन्कार कर दिया तो उनका अपने देश के प्रति राष्ट्र प्रेम को दर्शाता है और एक सच्चे खिलाड़ी होने का प्रमाण प्रस्तुत करती है।
इस मौके पर पाठशाला के शिक्षक पंकज शर्मा, रमन कुमार, सीना, वन्दला, रेखा, निशा, शकता व अन्य उपस्थित रहे।
Author: Dharampur Express
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