राहत कोष के पैसे चहेतों में बांटने वाली सरकार से अब जनता ने बनाई दूरी: राजेंद्र राणा

धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर 

सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने प्रदेश सरकार पर राहत कोष के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वर्ष 2023 की आपदा के समय जनता द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में दी गई करोड़ों की राशि को सरकार ने अपने चहेते कार्यकर्ताओं में बांट दिया, जबकि असली पीड़ित परिवारों को दरकिनार कर दिया गया।

आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार की असंवेदनशीलता और जनता के प्रति उदासीन रवैये ने आम लोगों का सरकार से भरोसा पूरी तरह से हिला दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्यप्रणाली केवल बातों, घोषणाओं और फोटो खिंचवाने तक सीमित रह गई है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि राहत राशि जरूरतमंदों तक पहुंची ही नहीं।

 

राजेंद्र राणा ने कहा कि यही वजह है कि अब जनता ने सरकार से दूरी बना ली है और सरकार को किनारे कर स्वयं मोर्चा संभाला है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जिला मंडी के सिराज क्षेत्र में आई भीषण आपदा के बाद कई गांव पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और अनेक परिवारों ने अपनों को खोया है। इसके बावजूद सरकार महज ₹2,500 की राहत राशि देकर लोगों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा व्यवहार कर रही है।

 

राजेंद्र राणा ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने संकट की इस घड़ी में परिवार के मुखिया की तरह आपदा प्रभावित क्षेत्रों का पैदल दौरा किया और राहत कार्यों को लेकर निजी तौर पर निगरानी की।

 

राजेंद्र राणा ने कहा, “सरकार अपने कार्यकाल के आधे समय में ही जनता का विश्वास खो चुकी है और आज एक ऐसे मोड़ पर आ पहुंची है जहां केवल भ्रष्टाचार, माफिया और चहेती मंडली को फायदा पहुंचाने के लिए नीतियां बन रही हैं।”

 

उन्होंने दावा किया कि इस सरकार का ‘कोई सगा नहीं है’, और समाज के हर वर्ग को छलने का काम किया गया है। अब सरकार के दिन गिनती के बचे हैं और जनता आने वाले समय में इसका उचित जवाब देगी।

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh