राधा स्वामी सत्संग चैरिटेबल अस्पताल भोटा के बंद होने को लेकर लोगों में नाराजगी , सीएम को भेजा ज्ञापन, तीन दिन का दिया अल्टीमेटम

धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर

राधा स्वामी सत्संग (चैरिटेबल अस्पताल भोटा) की भूमि को उसके सहयोगी संगठन महाराज जगत सिंह रिलीफ सोसायटी ब्यास को हस्तांतरित करने के लिए सरकार के 2005 के निर्णय के संबंध में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस चैरिटेबल अस्पताल को निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए उन्नत करने बारे लोग सक्रिय हो गए हैं।

इस मुद्दे को लेकर पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि सोमवार को उपायुक्त हमीरपुर से मिले और मुख्यमंत्री को समस्या के समाधान के लिए ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में बताया गया कि हिमाचल प्रदेश राज्य सरकारों द्वारा 2005 से आज तक राधा स्वामी सत्संग ब्यास द्वारा अपने प्रबंधन के माध्यम से राधा स्वामी सत्संग ब्यास भोटा, जिला हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) की भूमि को महाराज जगत सिंह रिलीफ सोसायटी को चैरिटेबल अस्पताल भोटा, जिला हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) के मामलों का प्रबंधन करने के लिए हस्तांतरित करने के लिए दिए गए अभ्यावेदन पर दिखाई गई उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है। वर्तमान में यह अस्पताल 45 बिस्तरों की सुविधा दे रहा है जिसे उन्नत करके इसे और बढ़ाने की आवश्यकता है।

ज्ञापन में हस्ताक्षर करने वाले करीब डेढ़ दर्जन लोगों ने बताया कि चैरिटेबल अस्पताल भोटा वर्ष 1999 से लगातार चौबीसों घंटे निशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान कर रहा है। अब बाबा गुरिंदर सिंह महाराज ने स्थानीय जनता के हित में उसी अस्पताल को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। लेकिन राज्य सरकार भूमि हस्तांतरण के मुद्दे को हल करने में बहुत अधिक समय ले रही है। इस से आम जनता के साथ साथ राधा स्वामी समुदाय के लोगों की भावनाएं आहत हो रही है।

 

जिला परिषद चेयरमैन बबली देवी, कुलबीर सिंह , प्रधान ग्राम पंचायत डिडवि टिककर, पवन कुमार प्रधान काला अंब , मनुवाला , जिला परिषद सदस्य , राज कुमारी , जिला परिषद सदस्य, सुमन कुमारी जिला परिषद सदस्य, आशा देवी जिला परिषद सदस्य , वीणा देवी, कांता देवी, ऊषा बिरला , धनी राम शुक्ला ने बताया कि इस मुद्दे को आगामी 3 दिनों के भीतर हल किया जाए, अन्यथा जनहित को ध्यान में रखते हुए सभी स्थानीय लाभान्वित जनता सड़कों पर उतरकर राज्य सरकार के उदासीन रवैये के खिलाफ आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे और उस स्थिति में होने वाले आंदोलन के परिणाम के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी।

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh