धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने 1975 में कांग्रेस द्वारा लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र अमिट काला धब्बा बताते हुए आपातकाल के विरुद्ध आवाज़ उठाने वाले और यातनाएँ सह कर कांग्रेस की दमनकारी नीतियों का मुखर विरोध करने वाले लोकतंत्र के सभी प्रहरियों के प्रति अपनी कृतज्ञता समर्पित की है।
कांग्रेस की दमनकारी नीतियों,सत्ता पिपाशा व तानाशाही मानसिकता ने 25 जून 1975 को आपातकाल लगाकर भारतीय लोकतंत्र के ऊपर कभी ना मिटने वाला धब्बा लगाया था।
रातों रात लाखों निरअपराध लोगों को जेलों में ठूँस दिया,प्रेस की आज़ादी पर ताला लगा दिया,लोगों की अभिव्यक्ति की आज़ादी छीन ली।अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक आपातकाल के दौरान देशभर में आंतरिक सुरक्षा कानून के तहत 1,40,000 लोगों को बिना मुकदमा चलाए जेलों में डाल दिया गया। देशहित से ऊपर एक परिवार एक व्यक्ति के अहंकार को रखा गया।संसद को दरकिनार कर अधिकारपत्र के जरिए आपातकाल जारी रखने के लिए इंदिरा गांधी ने राष्ट्रपति से बार-बार ‘आर्डिनेंस’ हासिल किए। आपातकाल के विरुद्ध आरएसएस के संघर्ष का बस एक ही लक्ष्य था कि भारत में लोकतंत्र की गौरवमयी वापसी हो। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने नागरिकों की स्वतंत्रता और मूल अधिकारों के हनन और खुद पर लगाई गई पाबंदी के खिलाफ देशभर में शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया।
आपातकाल के विरुद्ध लाखों लोगों ने आंदोलन किया था। देशभर में युवाओं, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तारियां देनी पड़ी थीं। कई लोगों को जेल में रखा गया। अनेक यातनाएं दी गईं। उस समय सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा था। सत्ता के साथ-साथ न्यायिक व्यवस्था पर भी इंदिरा गांधी नियंत्रण करने की कोशिश कर रही थीं। कोर्ट के आदेश के बाद भी इंदिरा गांधी ने इस्तीफा नहीं दिया। मैं आपातकाल के विरुद्ध आवाज़ उठाने वाले और यातनाएँ सह कर कांग्रेस की दमनकारी नीतियों का मुखर विरोध करने वाले लोकतंत्र के सभी प्रहरियों के प्रति अपनी कृतज्ञता समर्पित करता हूँ। आपातकाल के विरुद्ध उठी हर आवाज़ को मैं नमन करता हूँ।
Author: Dharampur Express
Himachal Pradesh






