पूर्व सैनिकों ने मानद नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया

धर्मपुर एक्सप्रेस। शिमला

हिमाचल प्रदेश पुलिस में कार्यरत पूर्व सैनिकों ने आज ओक ओवर में आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। राज्य सरकार के हाल ही में लिए गए निर्णय के तहत 246 पूर्व सैनिकों को हेड कांस्टेबल तथा 115 को सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) के रूप में नियुक्ति प्रदान की गई है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हेड कांस्टेबल सुधीर शर्मा और कांस्टेबल रवि दत्त के पाइपिंग समारोह में भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पुलिस बल में पूर्व सैनिकों के अनुभव, समर्पण और अनुशासन को अत्यंत महत्व देती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रावधानों के अनुसार पुलिस कर्मियों को मानद हेड कांस्टेबल के पद के लिए 20 वर्ष तथा मानद सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) के पद के लिए 32 वर्ष की सेवा पूर्ण करनी होती है। पूर्व सैनिक सामान्यतः अपने सेवाकाल के अपेक्षाकृत बाद के चरण में पुलिस सेवा में शामिल होते हैं, जिसके कारण उनके पास इन मानद नियुक्ति के लिए आवश्यक सेवा अवधि पूर्ण करने का पर्याप्त समय नहीं बचता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व सैनिकों के लिए पात्रता सेवा अवधि में आवश्यक छूट देने का निर्णय लिया है ताकि उन्हें मानद हेड कांस्टेबल और मानद एएसआई के रूप में नियुक्ति का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राष्ट्र और राज्य के प्रति उनके अमूल्य योगदान तथा सेवाओं को उचित सम्मान प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व सैनिकों ने पहले देश की सीमाओं की रक्षा कर राष्ट्र की सेवा की है और अब पुलिस बल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्हें एक रैंक उच्च नियुक्ति देने से उनकी गरिमा बढ़ेगी और उनकी सेवाओं को उचित सम्मान मिलेगा।

उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में अग्निवीर भर्ती योजना लागू होने के बाद युवाओं का सेना के प्रति आकर्षण कुछ कम हुआ है। इसके बावजूद राज्य सरकार अग्निवीरों के लिए रोजगार के अधिकतम अवसर सृजित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 218 के तहत पहले कानूनी संरक्षण केवल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्राप्त था, लेकिन राज्य सरकार ने अब कठिन और प्रतिकूल परिस्थितियों में कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों तक भी यह संरक्षण विस्तारित कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों की संख्या को तर्कसंगत बनाया जा रहा है। आईएएस, आईपीएस और आईएफएस कैडर में भी कमी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ, विशेष रूप से ‘‘चिट्टा’’ की तस्करी के विरुद्ध व्यापक अभियान शुरू किया है, जिसमें पुलिस विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी तथा अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे।

 

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh