धर्मपुर एक्सप्रेस। सुजानपुर
सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने एक बार फिर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा है कि “हिमाचल में अब कुछ भी गलत मुमकिन बना दिया गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार ऐसे फैसले ले रही है जो आम जनता के साथ-साथ प्रदेश के दुर्भाग्य को भी बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
आज यहां जा रही है एक बयान में राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि सरकारी नियुक्तियां अब मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत मर्जी पर हो रही हैं। इसका ताजा उदाहरण बिजली बोर्ड के असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर अविनाश ठाकुर की नियुक्ति है, जिसे बिना किसी नियमानुसार प्रक्रिया के पहले AAO, फिर 2023 में जनरल मैनेजर और अब केवल दो साल में ही डायरेक्टरेट ऑफ एनर्जी का ज्वाइंट डायरेक्टर बना दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया की खुलेआम अवहेलना का बड़ा उदाहरण है। इस पदोन्नति में न तो कोई वैकेंसी नोटिफिकेशन जारी हुआ, न ही पब्लिक सर्विस कमीशन की मंजूरी ली गई। सरकार ने सिर्फ अपने क्षेत्र के चहेते अफसर को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रख दिया।
राणा ने यह भी बताया कि यह सरकार के चहेते वही अफसर हैं, जिन पर बिजली बोर्ड में रहते हुए 600 करोड़ की डीपीआर में घोटाले के गंभीर आरोप लगे थे। बावजूद इसके उन्हें पुरस्कृत किया जा रहा है। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार को सरकारी संरक्षण देने की खुली नीति बताया।
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार में कानून व्यवस्था समाप्तप्राय हो चुकी है। विमल नेगी केस जैसे संवेदनशील मामलों के आरोपी अफसरों को भी पुनः तैनात किया जा रहा है, जिससे यह साफ होता है कि मौजूदा सरकार में नियम, पारदर्शिता और न्याय की कोई जगह नहीं बची।
राजेंद्र राणा ने चेतावनी दी कि जिस तरह से भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है, वह दिन दूर नहीं जब हिमाचल प्रदेश भ्रष्टाचार के मामलों में देश में अव्वल स्थान पर पहुंच जाएगा।
उन्होंने कहा कि “ऐसी भ्रष्ट और जनविरोधी सरकार से जनता को अब किसी भी तरह की उम्मीद रखना बेकार है।”
Author: Dharampur Express
Himachal Pradesh






