मौसम की बेरुखी झेल रहे जिला हमीरपुर को सरकार सूखा ग्रस्त करे घोषित: लखनपाल

धर्मपुर एक्सप्रेस। बड़सर

 

हिमाचल प्रदेश में मौसम की बेरुखी से सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं! जलवायु अपराजकता ने प्रदेश के किसानों को फिर से प्रभावित किया हैं! हालात यह हो गए हैं कि बरसात का आधे से भी ज्यादा मौसम बीतने के बाद भी सूबे में अभी तक एक भी जोरदार बारिश नहीं हुई हैं! मौसम की लगातार बनी हुई इस बेरुखी के कारण अब किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींचना शुरू हो गई हैं! अगर बात जिला हमीरपुर की करें तो बरसात के इस मौसम में जिला भर में अभी तक एक भी ऐसी बारिश नहीं हुई हैं जिससे फसलों को सहारा मिल सके! जिला के किसानों की फसले सुख चुकी हैं जो थोड़ी बहुत बची हैं वह भी सूखने की कगार पर हैं! कम बारिश से जिला के किसानों को हुए नुकसान से वह चिंता में हैं और अब मुआवजा के लिए सरकार की तरफ निगाहें टिकाएं हैं! लेकिन किसानों के दर्द को समझते हुए अभी तक सरकार ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की हैं कि जिससे किसानो के चेहरों की रौनक वापिस लौट सके! किसानों के दर्द को देखते हुए बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने हमीरपुर जिला को सूखा ग्रस्त घोषित करने की माँग सरकार से की है। लखनपाल ने कहा है कि मानसून की बेरुखी से हमीरपुर में सूखे जैसे हालत बने हैं इस कारण सरकार को किसानों के दर्द को समझते हुए हमीरपुर जिला को सूखा ग्रस्त घोषित करना चाहिए और किसानों को फसलों का उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए ताकि जिला के किसान अपनी फसलों की भरपाई कर सके। उन्होंने कहा कि अपनी कडी मेहनत से देश के लोगों का पेट भरने वाला किसान मौसम की बेरुखी से खुद खाली पेट सोने को मजबूर हुआ है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि जिन क्षेत्रों में समान्य से भी कम बारिश हुई हैं और सूखे जैसे हालत पैदा हुए हैं ऐसे सभी क्षेत्रों को सूखा ग्रस्त घोषित कर सरकार किसानों को उनकी फसलों का मुआवजा दे ताकि कर्ज के बोझ तले डूबे किसान राहत की सांस ले सके।

 

मौसम की बेरुखी के चलते हमीरपुर जिला सहित प्रदेश के अन्य भागों में सूखे के हालत बने हैं। किसान परेशान हैं। सरकार ऐसे क्षेत्रों को सूखा ग्रस्त घोषित कर प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए मुआवजा दे। सरकार से मेरा आग्रह रहेगा कि राजनितिक द्वेष छोड़ किसानों के लिए राहत पैकेज जारी करे ताकि जिला व प्रदेश का किसान हताश व निराश न हो।

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh