त्यागपत्र देने में बिकने के अलावा और कोई कारण नहीं हो सकता: डॉ पुष्पेंद्र वर्मा

धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर 

जिस हमीरपुर की जनता ने बड़े राजनीतिक दलों को छोडक़र अपनी उम्मीदों के साथ जिस व्यक्ति को बतौर आजाद विधायक बनाया उसका मात्र 15 माह में ही त्यागपत्र देने में बिकने के अलावा और कोई कारण नहीं हो सकता है।

ये बात कांग्रेस प्रत्याशी डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ने क्षेत्र हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के सासन, अमरोह, गजोह, रोपा, काले अंब, भारीं, कथैल, स्वाहल, लंबलू, हरनेड़ एवं हमीरपुर के वार्ड नंबर एक में आयोजित नुक्कड़ सभाओं के दौरान कही। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को त्यागपत्र तो ये कह कर दिया कि वे अब विधायक नहीं ाहना चाहते, फिर दोबारा चुनाव में क्यों चले आए। इसका मतलब दाल में कुछ काला नहीं बल्कि इनकी तो पूरी दाल ही काली है। उन्होंने कहा कि दोबारा चुनाव डालने से जनता पर करोड़ों का बोझ डाला गया है। ये लोग पहले जहां मात्र 15 माह में जनता के वोटों को राजनीतिक मंडी में बेच आए, अब इसकी क्या गारंटी है कि वे फिर अपनी अन्य राजनीतिक महत्वकाक्षाओं के लिए फिर अगले 15 माह बाद हमीरपुर की जनता के द्वार वोट मांगने चले आए। उन्होंने कहा कि किसी भी विधान सभा क्षेत्र में बिजली, पानी, स्वास्थ्य व सडक़े समस्याऐं रहती है, इसके अलावा बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोडऩा चाहिए। डनहोंने अपील की ळै कि इन सबके लिए दस जुलाई को प्रदेश में कांग्रेस सरकार के पक्ष में अपना मतदान करें। उन्होंने कहा कि वे जनसेवा के लिए नौकरी तक छोडक़र आए है। डेढ़ वर्ष पहले जब वे हारे तब भी वे घर नहीं बैठे, और जनसेवा में लगे रहे। उन्होंने कहा कि यहां तक कि कोविड के समय जब ऐसे लोग घर बैठे थे तो उन्होंने मेडिकल कैंप लगाकर जनता की सेवा की है। उन्होंने कहा कि अपनी घर की कंपनी के लिए करोड़ों के ठेके लेने में तो उन्हें पूरी फुरस्त रही, लेकिन क्षेत्र के विकास के लिए उन्होंने एक बार भी प्रयास नहीं किया। डॉ पुष्पेंद्र ने कहा कि पूरे 15 माह में वे विधानसभा में केवल एक बार बोले वो भी अपने धंधें की बात पर ही बोले है। इससे सपष्ट होता है कि उनका ध्येय विधायक बनकर केवल अपने धंधों को बढ़ाना रहा है। उन्होंने एक बार भी मुख्यमंत्री के समक्ष क्षेत्र के विकास या क्षेत्रवासियों की किसी भी समस्या को नहीं रखा, फिर कहते है कि मुख्यमंत्री उनका काम नहीं करते थे, यदि क्षेत्र से संबंधित कोई काम मुख्यमंत्री के समक्ष रखा तो उसे आंकड़ों सहित सार्वजानिक करें। उन्होंने कहा कि इन्होंने जिला से संबंधित मुख्यमंत्री के खिलाफ उसका साथ दिया है, जिन्होंने अपने मुख्यमंत्रितत्व काल में एक बार भी हमीरपुर की तरफ मुडक़र नहीं देखा। इस अवसर पर कांग्रेसी नेता, संबंधित पंचायतों के जनप्रतिनिधि एवं गण्मान्य लोग भी उपस्थित रहे।

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh