विकसित भारत – जी रामजी योजना: ग्रामीण रोजगार, पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान की दिशा में ऐतिहासिक पहल

धर्मपुर एक्सप्रेस। शिमला

भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी  अरविंद चौधरी ने केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई “विकसित भारत – जी रामजी योजना” का स्वागत करते हुए इसे ग्रामीण भारत के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया।

अरविंद चौधरी ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को ज़मीन पर उतारने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर अब “विकसित भारत – जी रामजी योजना” रखा है, जो न केवल नाम में बल्कि व्यवस्था और परिणामों में भी एक बड़ा परिवर्तन लेकर आई है।

उन्होंने बताया कि जहाँ पहले मनरेगा योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों का रोज़गार मिलता था, वहीं अब जी रामजी योजना के तहत 125 दिनों का सुनिश्चित रोज़गार प्रदान किया जाएगा। इससे ग्रामीण श्रमिकों, मज़दूरों और गरीब परिवारों की आय में सीधा इज़ाफ़ा होगा तथा पलायन जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

चौधरी ने कहा कि पूर्व में मनरेगा में फर्जी हाज़िरी, कागज़ी काम और भ्रष्टाचार जैसी शिकायतें सामने आती रही थीं, लेकिन जी रामजी योजना में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली और जियो-टैगिंग तकनीक लागू किए जाने से अब हर कार्य की वास्तविक निगरानी संभव होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित होगा।

उन्होंने आगे कहा कि मज़दूरों की सबसे बड़ी समस्या—मज़दूरी भुगतान में देरी—को भी इस योजना में गंभीरता से सुलझाया गया है। अब योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले श्रमिकों की दिहाड़ी 7 से 15 दिनों के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे उन्हें समय पर मेहनत का पूरा लाभ मिल सकेगा।

अरविंद चौधरी ने कहा कि विकसित भारत – जी रामजी योजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार करने वाली योजना है। यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने, युवाओं को रोज़गार देने और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन की दिशा में एक मजबूत आधार बनेगी।

अंत में उन्होंने कहा कि भारतीय जनता युवा मोर्चा इस जनहितकारी योजना को गांव-गांव तक पहुँचाने और लोगों को इसके लाभों से अवगत कराने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh