धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश मिड डे मील वर्करज यूनियन (सीटू) ने आज हमीरपुर के गांधी चौक प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कार्यालय तक अपनी मांगों को लेकर रैली निकाली और निदेशक को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि विभाग द्वारा 24 सितम्बर 2026 को जारी 10 महीने के मानदेय को 12 महीनों में विभाजित करके देने की अधिसूचना को तुरंत वापस लिया जाए। और उच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार 12 माह का पूरा वेतन दिया जाए l
यूनियन के प्रधान व महासचिव ने बताया कि मिड डे मील वर्करज पिछले कई वर्षों से स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं, लेकिन उन्हें साल में केवल 10 महीने का मानदेय दिया जाता है। यूनियन लंबे समय से 12 महीने का मानदेय देने की मांग कर रही है।
उन्होंने कहा कि विभाग ने मांग का समाधान करने के बजाय 10 महीने के ही मानदेय को 12 महीने में बांटकर देने का गैर-कानूनी फैसला लिया है। यह वर्करज के साथ धोखा है। यूनियन की मांग है कि मौजूदा 10 महीने के मानदेय के ऊपर 2 महीने का अतिरिक्त मानदेय देकर पूरे 12 महीने का मानदेय सुनिश्चित किया जाए।
प्रदर्शनकारियों को सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ कश्मीर सिंह ठाकुर ने संबोधित करते हुए कहा कि चाहे केंद्र की मोदी सरकार हो या प्रदेश की सुख्खु सरकार मिड डे मील वर्कर्स के प्रति हमेशा से उदासीन रही है हालत ये है कि मोदी सरकार ने तो बारह सालों से मिड डे मील वर्कर्स के वेतन में एक रुपये की बढौतरी नहीं की है जबकि मंहगाई इस दौरान कई गुना बढ़ गयी है l
उन्होंने राज्य सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुआ कहा कि सुख्खु सरकार भी कोरे आश्वासन ही देती आयी है l
आज तक मिड डे मील को समय पर वेतन नहीं मिलता है कभी राज्य का हिस्सा नहीं है तो कभी केंद्र का हिस्सा कई कई माह नहीं आ रहा है जिससे मजदूरों में भारी रोष है l
यूनियन ने मांग की है कि केंद्र और राज्य सरकार का मानदेय हर महीने एक साथ दिया जाए, भुगतान प्रत्येक माह की 1 तारीख को सुनिश्चित किया जाए और ट्रेनिंग में आने-जाने के लिए यात्रा भत्ता दिया जाए।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द अधिसूचना वापस नहीं ली तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन को सीटू के जिला सचिव जोगिंदर कुमार ,मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की नेता रेखा,प्रीतो देवी और आशा देवी ने भी संबोधित किया l
Author: Dharampur Express
Himachal Pradesh






