हिमाचल प्रदेश में आशा वर्कर लड़ पाएंगी चुनाव, हिमाचल हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की अधिसूचना पर लगाई रोक 

धर्मपुर एक्सप्रेस। शिमला

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज़ है। इससे पहले हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने एक अहम मामले में सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। हिमाचल हाई कोर्ट ने राज्य को फिर एक झटका देते हुए आशा वर्कर को स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने की इजाजत दे दी है। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की उस अधिसूचना पर रोक लगा दी है, जिसमें प्रदेश सरकार ने आशा वर्कर के पंचायती राज और नगर निकायों के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। हिमाचल हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए ये अहम फैसला सुनाया है।

हिमाचल प्रदेश में नगर निकायों और पंचायती राज के चुनाव की प्रक्रियाएं चल रही है। इसी बीच राज्य सरकार ने 2 मई 2026 को एक अधिसूचना जारी की जिसमें आशा वर्कर के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। ऐसे में मामला हिमाचल हाई कोर्ट पहुंचा। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विक्रांत ठाकुर, सुशांत वीर सिंह ठाकुर और शुभम गुलेरिया अदालत में पेश हुए। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने माना की आशा वर्कर राज्य सरकार की कर्मचारी नहीं है ऐसे में उन्हें चुनाव मैं भाग लेने का अधिकार है। खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं की प्रार्थना स्वीकार करते हुए राज्य सरकार द्वारा 2 मई 2026 को जारी की गई अधिसूचना पर रोक लगा दी।

 

राज्य सरकार की ओर से आशा वर्कर को लेकर जारी की गई अधिसूचना के बाद मामला हिमाचल हाई कोर्ट पहुंचा था। मामले में 7 अलग अलग याचिकाकर्ताओं की ओर से राज्य सरकार किसी फैसले को हिमाचल हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए हिमाचल हाई कोर्ट ने अब याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया है। प्रदेश में नगर निकाय और पंचायती राज के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। लिहाजा हाई कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब आशा वर्कर भी स्थानीय निकाय के चुनाव में हिस्सा ले पाएंगी।

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh