धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के पूर्व वाइस चेयरमैन नवीन शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध है। 17 अप्रैल 2026 का दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो सकता था, लेकिन कांग्रेस और उसके इंडी (I.N.D.I.A.) गठबंधन ने ‘नारी शक्ति वंदन’ संशोधन विधेयक का विरोध कर इसे गिरा दिया और मातृ शक्ति के सपनों पर कुठाराघात किया।
नवीन शर्मा ने कहा कि महिलाओं के प्रति एक बहुत ही बड़े राजनीतिक षडयंत्र का पर्दाफाश हुआ है ।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ मतदान कर कांग्रेस ने साबित कर दिया है कि वह महिलाओं को उनका वाजिब हक देने की केवल दिखावटी बातें करती है। जब इस अधिकार को हकीकत में बदलने का समय आया, तो कांग्रेस ने पीछे हटकर विश्वासघात किया।
नवीन शर्मा ने कहा कि 1996 से लेकर 2010 तक कांग्रेस ने बार-बार महिला आरक्षण के मार्ग में रोड़े अटकाए। मोदी सरकार ने 2023 में इस अधिनियम को पारित कर ऐतिहासिक पहल की थी, लेकिन कांग्रेस ने इसे समय-सीमा में लागू करने के प्रयासों को बाधित कर दिया है।
नवीन शर्मा ने कहा कि यह संशोधन विधेयक संसद में सीटों की संख्या बढ़ाकर 33% आरक्षण को तत्काल प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लाया गया था। परन्तु कांग्रेस द्वारा इसका विरोध करना दर्शाता है कि वे नहीं चाहते कि नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़े।
नवीन शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने उनके सहयोगी दलों के साथ मिलकर जिस तरह इस बिल को गिरने पर ‘जश्न’ मनाया, वह देश की नारी शक्ति का अपमान है। भाजपा इस कृत्य को ‘काला दिवस’ के रूप में देखती है।
नवीन शर्मा ने कहा कि भले ही विपक्ष ने आज संख्याओं के खेल में बाधा डाली हो, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प अटूट है।
नवीन शर्मा ने कहा कि देश की माताओं और बहनों को भारतीय जनता पार्टी पर अटूट विश्वास है कि भारतीय जनता पार्टी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति के इस अधिकार के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी ।
नवीन शर्मा ने कहा कि नारी शक्ति का अपमान करने वालों को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
नवीन शर्मा ने कहा कि हिमाचल में प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत (50%) आरक्षण प्रदान किया था जिससे पंचायती राज संस्थानों में 50% से अधिक महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हुआ और 2011 में जब इस नीति के बाद चुनाव हुए, तो लगभग 58 प्रतिशत महिलाएं निर्वाचित होकर आई थीं।
यह आरक्षण ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के सभी स्तरों पर लागू किया गया था। और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण और ग्रामीण शासन में उनकी भूमिका बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया था।
इसी से सिद्ध होता है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारों ने हमेशा मातृ शक्ति के उत्थान के लिए काम किया है और कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों ने आज तक मातृ शक्ति को ठगने का ही प्रयास किया है।
Author: Dharampur Express
Himachal Pradesh




