प्रदेश की प्रगति रोकने वाला दिशाहीन बजट: प्रो. प्रेम कुमार धूमल

धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर 

पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत हिमाचल प्रदेश बजट 2026 की कड़ी आलोचना करते हुए इसे प्रदेश की प्रगति को बाधित करने वाला और दूरदृष्टि से विहीन बजट करार दिया।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग ₹3,586 करोड़ की कमी यह दर्शाती है कि सरकार विकास कार्यों को गति देने के बजाय उन्हें सीमित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस कटौती का सीधा असर सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और ग्रामीण विकास जैसी बुनियादी योजनाओं पर पड़ेगा।

प्रो. धूमल ने कहा कि बजट में कृषि, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में राज्य सरकार की ओर से ठोस नई पहल का अभाव है। अधिकतर प्रावधान केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर आधारित हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश का विकास आज भी केंद्र सरकार के सहयोग पर ही निर्भर है।

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा 2022 में दी गई गारंटियां आज भी अधूरी हैं। एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ, जबकि 5 लाख रोजगार सृजन का दावा भी केवल घोषणाओं तक सीमित है। 28 लाख महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह देने की योजना भी 40 महीने बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई है।

 

धूमल ने कहा कि किसानों से जुड़े वादों में भी कटौती देखने को मिल रही है, जहां ₹100 प्रति लीटर दूध खरीद के बजाय ₹60 तक सीमित करने की बात सामने आई है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ अन्याय है।

 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में कानून व्यवस्था सुधार, अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता और बंद किए गए संस्थानों को पुनः खोलने के लिए कोई ठोस वित्तीय प्रावधान नहीं किया गया है। इसके विपरीत, और संस्थान बंद करने के संकेत चिंता का विषय हैं।

 

उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का संतुलन बनाने का प्रयास है, जिसमें न तो विकास की स्पष्ट दिशा दिखाई देती है और न ही आम जनता को राहत देने की कोई ठोस योजना।

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh