पंचायती राज चुनावों से भाग रही प्रदेश सरकार, कांग्रेस को चुनावी हार का भय : साहिल शर्मा

धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर 

भाजयुमो हिमाचल प्रदेश के प्रवक्ता साहिल शर्मा ने कहा है कि यह अत्यंत चिंताजनक है कि हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त होने जा रहा है, इसके बावजूद प्रदेश सरकार और चुनाव आयोग द्वारा अभी तक चुनावी प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 243E(1) और 243U(1) में स्पष्ट प्रावधान है कि चुनावी प्रक्रिया का आरंभ पंचायती राज संस्थाओं के कार्यकाल समाप्त होने से कम से कम छह माह पूर्व होना अनिवार्य है। इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश भी मौजूद हैं, जिनका पालन करना प्रत्येक राज्य का दायित्व है।

 

इसके बावजूद अब तक पूर्ण चुनाव कार्यक्रम (Election Schedule) अधिसूचित न होना यह दर्शाता है कि प्रदेश सरकार कांग्रेस चुनावी हार के डर से जानबूझकर चुनावों में देरी कर रही है। यह न सिर्फ संवैधानिक व्यवस्थाओं का उल्लंघन है, बल्कि पंचायत स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का प्रयास भी है।

साहिल शर्मा ने कहा कि यदि सरकार तुरंत चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं करती है, तो यह मुद्दा जनता के बीच बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि वह संविधान और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप शीघ्रातिशीघ्र चुनाव कार्यक्रम घोषित करे।

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh