भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था मोदी सरकार के एक दशक के संरचनात्मक सुधारों, नीतिगत स्थिरता और दीर्घकालिक सोच का परिणाम: अनुराग ठाकुर

धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार की प्रभावी आर्थिक नीतियों के चलते आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। बीते एक दशक में किए गए संरचनात्मक सुधारों, नीतिगत स्थिरता और दीर्घकालिक सोच के कारण भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप एक दशक पहले भारत की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए दीर्घकालिक नीतिगत परिवर्तन की मजबूत नींव रखी गई थी। बीते दस वर्षों की सशक्त आर्थिक यात्रा का स्वाभाविक परिणाम है कि भारत आज वैश्विक मंच पर चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हुआ है। जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी, युद्ध, आपूर्ति संकट और उच्च महंगाई जैसे दबावों से जूझ रही है, वहीं मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल इन चुनौतियों से सुरक्षित है, बल्कि उन्हें अवसर में बदलने की क्षमता भी प्रदर्शित कर रहा है। आर्थिक सुधारों, संस्थागत मजबूती और राष्ट्रीय आत्मविश्वास के विस्तार ने आने वाले वर्षों की दिशा को भी स्पष्ट किया है। विभिन्न क्षेत्रों के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि 2026 में भारत दुनिया की सबसे तेज़ रफ्तार से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। यह स्थिति किसी एक फैसले या वैश्विक परिस्थिति का परिणाम नहीं, बल्कि योजनाबद्ध, अनुशासित और दीर्घकालिक आर्थिक नीतियों का सुपरिणाम है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार की प्रभावी आर्थिक नीतियों के चलते भारत का ग्रोथ आउटलुक लगातार उत्साहजनक बना हुआ है। वैश्विक और घरेलू संस्थानों ने मजबूत आर्थिक बुनियादी सिद्धांतों के आधार पर अपने आकलनों में सुधार किया है। प्रमुख क्षेत्रों में गति को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी विकास अनुमान 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। विश्व बैंक ने 2026 में 6.5 प्रतिशत विकास का अनुमान लगाया है। मूडीज के अनुसार भारत 2026 में 6.4 प्रतिशत और 2027 में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाली जी-20 अर्थव्यवस्था बना रहेगा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने 2025 के लिए विकास अनुमान 6.6 प्रतिशत और 2026 के लिए 6.2 प्रतिशत किया है। ओईसीडी ने 2025 में 6.7 प्रतिशत और 2026 में 6.2 प्रतिशत विकास का पूर्वानुमान लगाया है। एसएंडपी ने चालू वित्त वर्ष में 6.5 प्रतिशत और अगले वर्ष 6.7 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया है। एशियाई विकास बैंक ने 2025 के लिए अपने अनुमान को बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत किया है, जबकि फिच ने मजबूत उपभोक्ता मांग के चलते वित्त वर्ष 2026 के लिए विकास अनुमान 7.4 प्रतिशत तक बढ़ाया है।

 

उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 का संकल्प एक दूरदर्शी विकास-दृष्टि को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें आर्थिक मजबूती, सामाजिक न्याय, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व चारों स्तंभ समान रूप से शामिल हैं। बीते वर्षों में नीतिगत निरंतरता, तेज निर्णय प्रक्रिया और बड़े सुधारों को प्राथमिकता देने से भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है। आईएमएफ और विश्व बैंक जैसे संस्थान भी भारत की विकास दर को वैश्विक औसत से कहीं अधिक मान रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विश्लेषकों का भी मत है कि यह परिवर्तन अचानक नहीं आया, बल्कि मोदी सरकार के बीते एक दशक में किए गए संरचनात्मक सुधारों, नीतिगत स्थिरता और दीर्घकालिक सोच का परिणाम है।

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh