धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर
पर्यटन का सतत विकास समय की जरूरत है। पर्यटन के साथ हमें अपनी संस्कृति और पर्यावरण का संरक्षण को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए, जिससे एक संतुलन बना रहे। पर्यावरण और संस्कृति का संरक्षण के साथ ही पर्यटन को आगे बढ़ाना होगा। यह बात हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता शैक्षणिक डॉ राजेश कुमार ने विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के शुभारंभ पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। तकनीकी विवि में डिपार्टमेंट ऑफ टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट का दो दिवसीय कार्यक्रम शुक्रवार से शुरू हुआ। अधिष्ठाता शैक्षणिक ने कहा कि पर्यटन और सतत परिवर्तन यह दर्शाता है कि कैसे आज के दौर में इस क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकें। उन्होंने पर्यटन विभाग के विद्यार्थियों द्वारा किए प्रयास की सराहना की। साथ ही पर्यटन से संबंधित मॉडलों का अवलोकन किया। इसके अलावा विश्व पर्यटन दिवस की थीम पर्यटन और सतत परिवर्तन विषयों पर विभिन्न प्रतियोगिताएं भी करवाई गई, जिसमें पर्यटन विभाग के अलावा बीएचएमसीटी और अन्य विभागों के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। जिसमें निबंध लेखन, संस्कृत श्लोक, फ्रूट कार्विंग, प्रश्नोतरी, दो मिनट की बात, मॉकटेल, रस्साकशी और यात्रा ब्लॉग की स्पर्धा हुई। इस मौके पर प्राध्यापक डॉ जेपी शर्मा, डॉ विनित, डॉ आयुष, पायल सूद, अजय कुमार मौजूद रहे।
Author: Dharampur Express
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