धर्मपुर एक्सप्रेस। कांगड़ा
जिला कांगड़ा में “नारी शक्ति बंधन अधिनियम” (33% महिला आरक्षण) के समर्थन में तथा कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दलों द्वारा इस महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक विधेयक के विरोध के खिलाफ नारी शक्ति द्वारा विशाल धरना-प्रदर्शन एवं आक्रोश रैली का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शन न केवल एक विरोध था, बल्कि महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी के लिए एक सशक्त जनआंदोलन के रूप में उभरकर सामने आया।
इस दौरान लगभग 150 की संख्या में मातृशक्ति ने उत्साह, जोश और दृढ़ संकल्प के साथ भाग लिया। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ महिलाओं ने कांग्रेस तथा उसके सहयोगी दलों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। पूरे क्षेत्र में “नारी सम्मान – देश का अभिमान” और “महिला अधिकारों का हनन बंद करो” जैसे नारों की गूंज सुनाई दी। उपस्थित महिलाओं में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश और निराशा देखने को मिली कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने वाले इस ऐतिहासिक बिल को समर्थन देने के बजाय विपक्ष ने संकीर्ण राजनीति का परिचय देते हुए इसे पारित नहीं होने दिया।
रैली को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि “नारी शक्ति बंधन अधिनियम” केवल एक बिल नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के सपनों, उनके अधिकारों और उनके सशक्तिकरण का प्रतीक है। यह विधेयक महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित कर उन्हें निर्णय लेने की मुख्यधारा में लाने का एक ऐतिहासिक अवसर था। लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने अपने राजनीतिक स्वार्थों के चलते इस सुनहरे अवसर को बाधित करने का काम किया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि कांग्रेस का इतिहास हमेशा से महिलाओं के मुद्दों पर दोहरी मानसिकता का रहा है। जब-जब देश में महिलाओं को आगे बढ़ाने की पहल हुई है, तब-तब कांग्रेस ने किसी न किसी रूप में बाधा उत्पन्न करने का कार्य किया है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि उनकी सोच महिलाओं को सशक्त बनाने की नहीं, बल्कि उन्हें सीमित रखने की रही है।
उन्होंने आगे कहा कि यह केवल एक बिल का विरोध नहीं, बल्कि देश की मातृशक्ति के आत्मसम्मान और अधिकारों पर सीधा प्रहार है। इसे देश की महिलाएं कभी स्वीकार नहीं करेंगी। आने वाले समय में महिलाएं पूरी ताकत के साथ लोकतांत्रिक माध्यमों से कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को इसका करारा जवाब देंगी और उन्हें यह अहसास कराएंगी कि नारी शक्ति अब जाग चुकी है और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना भली-भांति जानती है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी महिलाओं ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि वे महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और समान भागीदारी के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेंगी तथा समाज में जागरूकता फैलाकर अधिक से अधिक महिलाओं को इस आंदोलन से जोड़ेंगी।
यह आक्रोश रैली इस बात का स्पष्ट संकेत है कि देश की नारी शक्ति अब अपने अधिकारों के प्रति सजग, संगठित और संकल्पित है, और किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ी है।
Author: Dharampur Express
Himachal Pradesh





