विकसित भारत G-RAM-G’ के बहाने मनरेगा का गला घोंट रही है केंद्र सरकार: नादौन में कांग्रेस का हल्ला बोल

धर्मपुर एक्सप्रेस। नादौन 

नादौन विधानसभा क्षेत्र में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत आज नादौन कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस के नेतृत्व का मनरेगा बचाओ संघर्ष का समर्थन करते हुए इस प्रदर्शन में हजारों लोग लोग शामिल हुए । जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन पृथ्वी चंद और मनरेगा समन्वयक विवेक कटोच की अगुवाई में महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर ‘विकसित भारत -जी -राम -जी ‘ योजना की विसंगतियों पर कड़ा प्रहार किया। स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की इस बात का समर्थन किया कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके अस्तित्व को बचाने के लिए वे किसी भी हद तक संघर्ष करेंगे।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती ने कहा कि “राज्यों पर वित्तीय बोझ डालना संघीय ढांचे पर हमला है केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है। नई व्यवस्था के तहत बजट की सीमा तय करना और अतिरिक्त भार राज्य सरकारों पर डालना हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों के साथ अन्याय है। यदि मजदूरों को काम देने का पैसा राज्य को देना पड़ा, तो विकास के अन्य कार्य ठप हो जाएंगे। हम मांग करते हैं कि केंद्र पूर्व की भांति 90:10 का अनुपात बनाए रखे।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन पृथ्वी चंद ने कहा कि सरकार का यह प्रस्ताव कि साल में 60 दिन खेती के लिए काम बंद रहेगा, पूरी तरह से गरीब विरोधी है। उन भूमिहीन मजदूरों का क्या होगा जिनके पास अपनी जमीन नहीं है? उन दो महीनों में क्या उनके बच्चे भूखे रहेंगे? यह ‘कृषि विराम’ अनिवार्य नहीं, बल्कि पूरी तरह से स्वैच्छिक होना चाहिए।

नादौन मनरेगा संघर्ष समन्वयक विवेक कटोच ने कहा कि आज ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या आम है। एनएमएमएस (NMMS) और बायोमेट्रिक हाजिरी के चक्कर में गरीब मजदूर दिन भर काम करने के बाद भी दिहाड़ी से वंचित रह जाता है। ‘विकसित भारत ‘विकसित भारत -जी -राम -जी के नाम पर मनरेगा को ‘सप्लाई-ड्रिवन’ बनाकर काम मांगने के कानूनी अधिकार को छीना जा रहा है, जिसे हम सफल नहीं होने देंगे।”

ज्ञापन में मुख्य रूप से कांग्रेस नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार डिजिटल इंडिया के नाम पर बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे मजदूरों को योजना से बाहर कर रही है। साथ ही, पंचायतों के अधिकारों को कम कर निर्णयों का केंद्रीकरण किया जा रहा है, जो लोकतंत्र की जमीनी व्यवस्था के खिलाफ है।

कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति से मांग करते हुए कहा कि मनरेगा बजट को मांग के आधार पर असीमित रखा जाए। डिजिटल हाजिरी की अनिवार्यता को सरल बनाया जाए ताकि तकनीकी खामी का खामियाजा मजदूर न भुगते। प्रस्तावित ‘विकसित भारत ‘विकसित भारत -जी -राम -जी ‘ के उन प्रावधानों को तुरंत हटाया जाए जो मजदूरों के अधिकारों में कटौती करते हैं।

इस अवसर पर नादौन के विभिन्न क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं ने भी केंद्र सरकार की नई नीतियों के खिलाफ रोष प्रकट किया और संकल्प लिया कि वे इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएंगे। इस मौके पर उनके साथ ओबीसी के चेयरमैन मोहन लाल , कैप्टन प्रेम चंद शर्मा, कमल कुमार कम्मी,संतोष संधू, मोती जोशी ,नानक चंद , भारत भूषण राजू,मोंटी संधू, राजिंदर चौधरी बबलू, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अशोक संधू ,रीना देवी,अजय अत्री, कैप्टन सुनील दत्त,सीमा देवी, जोलसपड प्रधान मीना देवी, किटपल प्रधान मीरा देवी, कलूर प्रधान रजिंदर, घलूँ प्रधान सुनील, बसारल प्रधान रमना, सुषमा देवी,बीना बन्याल,रजनीश ठाकुर , रजत नवाब, जोगी सेठी आदि कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे ।

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh