हिमाचल में जनता त्रस्त, सरकार मस्त: राजेंद्र राणा 

धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर

 पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि आज हिमाचल प्रदेश का ऐसा कोई भी वर्ग नहीं है जो सरकार की नीतियों से त्रस्त न हो। झूठी गारंटियों के नाम पर युवाओं, महिलाओं, किसानों, बागवानों, कर्मचारियों और पेंशनरों को गुमराह किया गया है। उनसे छल किया गया है और सारे वायदे कूड़ेदान में फेंक दिए गए हैं।

राजेंद्र राणा ने हाल ही में प्राइमरी शिक्षक संघ से जुड़े कर्मचारियों पर दर्ज हुए मुकदमों को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करना कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन 900 प्राइमरी शिक्षकों पर मुकदमे दर्ज कर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जो अलोकतांत्रिक रवैया है।

उन्होंने कहा कि पेंशनरों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही, ठेकेदारों का भुगतान अटका हुआ है, जिससे सरकारी कामकाज ठप हो रहे हैं। बिजली मुफ्त देने का वादा कर वोट बटोरने वाली सरकार अब लोगों को तीन से चार गुना ज्यादा बिजली बिल थमा रही है। वहीं, पानी के बिल भी आम जनता की परेशानी को और बढ़ा रहे हैं।

 

राजेंद्र राणा ने कहा कि परिवहन का किराया बढ़ाकर जनता की जेब पर अतिरिक्त भार डाल दिया गया है। कांग्रेस का संगठन बीते छह महीनों से अस्तित्वविहीन पड़ा है, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष है। यहां तक कि कांग्रेस के विधायक और मंत्री भी खुद को घुटन में महसूस कर रहे हैं।

 

सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए राणा ने कहा कि सरकार केवल एक “मित्र वर्ग” के लिए काम कर रही है। तमाम कायदे-कानून ताक पर रखकर सरकारी खजाना इन मित्रों पर लुटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रिटायर होने वाले कर्मचारियों को वित्तीय लाभों से वंचित रखा जा रहा है, जबकि अपने मित्रों के चहेते कर्मचारियों और अधिकारियों को लगातार एक्सटेंशन दी जा रही है, जिससे आम कर्मचारी और अधिकारियों के लिए प्रमोशन का रास्ता रुक गया है। युवाओं के लिए नौकरियों के दरवाजे बंद हो गए हैं।

 

उन्होंने कहा, “प्रदेश की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है और मुख्यमंत्री कर्ज लेकर घी पीने में मस्त हैं। जनता की परेशानियों पर सरकार आंखें मूंदे बैठी है। इस जनविरोधी रवैये का हिसाब आने वाला वक्त जरूर लेगा।”

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh