धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर
शहर के प्रतिष्ठित ऑलमाइटी पब्लिक स्कूल के नर्सरी के नन्हे – नन्हे बच्चों को करवाई गई फुल और एम्टी गतिविधि। बालमन गतिविधियों में ज्यादा रुचि लेता है और सीखने की क्षमता भी ज्यादा होती है ।बच्चों को स्वयं करके सीखने वाली गतिविधियां करवानी चाहिए ,जिससे बच्चे खुद से सीखते हैं। बच्चे विभिन्न तरीकों से सीखते हैं। कुछ देखकर सीखते हैं ,कुछ बताये जाने पर सीखते हैं, कुछ सुनकर सीखते हैं और कुछ करके सीखते हैं। बच्चों को दूसरों के साथ खेलने का अवसर देना अन्य लोगों के साथ आगे बढ़ने के लिए विकास का एक शानदार तरीका है।
- बाल मन में सीखने की ज्यादा क्षमता बच्चे स्वयं करके ज्यादा सीखते हैं: प्रिंसिपल डायरेक्टर सीए पूजा मिन्हास
गतिविधियां बच्चों के शारीरिक, सामाजिक और भावनात्मक कल्याण में सुधार करता है। खेल के माध्यम से बच्चे दुनिया और खुद के बारे में सीखते हैं। खेलने से बच्चों की बौद्धिक क्षमता का विकास होता है और मानसिक रूप से भी बच्चे खुश और स्वस्थ रहते हैं। स्कूल प्रबंधक कुलबीर सिंह , प्रिंसिपल डायरेक्टर सीए पूजा मिन्हास ,प्रधानाचार्या निवेदिता शर्मा ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में टीमवर्क, धैर्य रखना लीडरशिप जैसी क्वालिटीज विकसित होती हैं। जिसका उनके व्यक्तित्व और पढ़ाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
Author: Dharampur Express
Himachal Pradesh