विज्ञान व तकनीक की पढ़ाई के साथ संस्कृत का अध्ययन भी जरूरीः प्रो शशि कुमार

धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर

 

विज्ञान और तकनीक की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए संस्कृत का अध्ययन भी जरूरी है। संस्कृत के बारे में जानकारी होने के कारण ही हम विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में नया अनुसंधान कर सकते है, क्योंकि हमारे प्राचीन ग्रंथों में पहले से ही संस्कृत में व्यापक चीजें उपलब्ध है। यह बात हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के अनौपचारिक संस्कृत शिक्षण केंद्र के दूसरे शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ पर कुलपति प्रो शशि कुमार धीमान ने कही। कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय नौरा के प्राचार्य डॉ राजेश शर्मा मुख्यातिथि रहे, जबकि अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो जयदेव विशेष रूप से उपस्थित रहे।

तकनीकी विवि में अनौपचारिक संस्कृत शिक्षण केंद्र के शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ

कुलपति ने कहा कि भारत की सभी भाषाओं की उत्पत्ति संस्कृत से हुई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भारत की सभी भाषाओं को बढ़ावा देने की दिशा में काम हो रहे है। कुलपति ने सभी विद्यार्थियों से संस्कृत का अध्ययन करने का आह्वान किया। वहीं, अधिष्ठाता शैक्षणिक एवं केंद्र अधिकारी ने कहा कि इस बार कक्षाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार से लगाई जाएगी। अनौपचारिक संस्कृत शिक्षण केंद्र में प्रवेश के लिए अभी 31 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस मौके पर तकनीकी विवि के प्राध्यापक व विद्यार्थी मौजूद रहे।

Dharampur Express
Author: Dharampur Express

Himachal Pradesh