धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर
उपायुक्त अमरजीत सिंह ने कहा है कि जिला के बड़े सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों, उद्यमों एवं कंपनियों में अप्रेंटिसिज एक्ट 1961 और राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) के अंतर्गत अप्रेंटिसिज की सेवाएं ली जा सकती हैं। इससे जहां इन कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी दूर होगी, वहीं नए युवाओं को भी ऑन जॉब ट्रेनिंग तथा कौशल विकास के अवसर मिलेंगे। उपायुक्त शनिवार को यहां हमीर भवन में अप्रेंटिसिज एक्ट 1961 और एनएपीएस पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के उदघाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य उद्यमों के अधिकारियों को अप्रेंटिसिज एक्ट और एनएपीएस की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
अमरजीत सिंह ने कहा कि 30 से अधिक संख्या वाले पदों के कार्यालयों, संस्थानों और उद्यमों में अप्रेंटिसिज एक्ट 1961 के तहत अप्रेंटिसिज को ऑन जॉब ट्रेनिंग प्रदान करते हुए उनकी सेवाएं लेने का प्रावधान है। इसलिए, सभी संबंधित कार्यालय प्रमुख अप्रेंटिसिज एक्ट 1961 की अनुपालना की दिशा में कार्य करें तथा वेब पोर्टल अप्रेंटिसशिपइंडिया.जीओवी.इन apprenticeshipindia.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाएं। अप्रेंटिसिज के स्टाइपेंड की अदायगी के संबंध में अपने विभागाध्यक्षों से भी मार्गदर्शन प्राप्त करें।
उपायुक्त ने बताया कि अप्रेंटिसिज को एनएपीएस के तहत 1500 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिल सकती है। स्टाइपेंड की शेष राशि संबंधित विभाग या कार्यालय को अदा करनी होगी। उन्होंने बताया कि जिला हमीरपुर में अभी तक 40 कार्यालय वेब पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इन कार्यालयों में लगभग 100 युवाआंे को अप्रेंटिसशिप करवाई जा रही है। जिला में आईटीआई रैल के प्रधानाचार्य कपिल ठाकुर को एनएपीएस का नोडल एडवाइजर बनाया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि अगर किसी विभाग या कार्यालय को अप्रेंटिसशिप इंडिया पोर्टल पर पंजीकरण में कोई दिक्कत आ रही है तो इसके निवारण के लिए जिला नोडल एडवाइजर या नजदीकी आईटीआई के प्रधानाचार्य से संपर्क किया जा सकता है।
कार्यशाला के दौरान जिला नोडल एडवाइजर कपिल ठाकुर ने अधिकारियों को अप्रेंटिसिज एक्ट 1961 और एनएपीएस की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
Author: Dharampur Express
Himachal Pradesh