धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रत्याशी डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने स्थानीय विधायक पर निर्माण कार्यों को लेकर झूठा प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि, “जब ये सरकार में थे, तो कहते थे कि कोई सुनवाई नहीं होती। आज विपक्ष में बैठे हैं तो विकास का श्रेय लूटने में लगे हैं!”विधायक की राजनीतिक मजबूरियाँ हो सकती हैं, लेकिन तथ्यों को तोड़-मरोड़कर जनता को भ्रमित करना उन्हें शोभा नहीं देता।
गुरुवार को परिधि गृह में आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. वर्मा ने कहा कि “जिन पुलों के लिए विधायक महोदय केंद्र सरकार को धन्यवाद दे रहे हैं, उनकी स्वीकृति का श्रेय मुख्यमंत्री को जाता है।” उन्होंने बताया कि 13 जनवरी को मुख्यमंत्री के हमीरपुर दौरे के दौरान तीन पुलों की मांग रखी गई थी, जिस पर जमली व गुदवीं पुल को तुरंत स्वीकृति मिली, जबकि लंबलू पुल को आगामी योजना में शामिल किया गया। डा वर्मा की प्रेस कॉन्फ्रेंस की खास बात यह रही कि उन्होंने प्रत्येक मामले को तथ्यों के साथ पत्रकारों के सामने प्रस्तुत किया।
*”बिना मुख्यमंत्री की हरी झंडी, केंद्र तक मामला पहुँचता ही नहीं!”*
डॉ. वर्मा ने सवाल उठाया कि “क्या विधायक साहब बता सकते हैं कि बिना प्रदेश सरकार के डीपीआर और मुख्यमंत्री की मंजूरी के कोई योजना केंद्र तक कैसे पहुँचती है?” उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश का समान विकास कर रहे हैं, लेकिन हमीरपुर की कोई मांग नहीं रोकी गई। अगर विधायक को इतना ही विश्वास है, तो वे लंबलू पुल का डीपीआर बनाकर सीधे केंद्र से स्वीकृति लेकर दिखाएं!”
*युवाओं को रोजगार: कांग्रेस नेता ने खोली विधायक की पोल*
डॉ. वर्मा ने विधायक द्वारा सदन में पूछे गए “हमीरपुर के युवाओं को कितने रोजगार मिले?” के सवाल पर करारा जवाब देते हुए कहा कि “रोजगार किसी एक क्षेत्र के लिए नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए निकाले जाते हैं।” उन्होंने कहा कि “पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के ढाई साल में जो नहीं हुआ, वह वर्तमान सरकार ने किया— 3000 से अधिक नियुक्तियाँ दीं और 2061 वन मित्रों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया पूरी की।”
*15 साल से लटके बस अड्डे को 95 करोड़ से शुरू करवाया*
डॉ. वर्मा ने कहा कि “जिस बस अड्डे का काम पिछले 15 साल से शुरू नहीं हो पा रहा था, उसे मुख्यमंत्री ने 95 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करवाकर शुरू करवाया।” साथ ही, उन्होंने ओपीएस (Old Pension Scheme) को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “1600 करोड़ का घाटा प्रदेश सरकार को उठाना पड़ रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार अपने पास रखी राशि जारी नहीं कर रही।”
*”भाजपा के सांसद की मौत पर सीबीआई जांच क्यों नहीं हुई?”*
डॉ. वर्मा ने भाजपा पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए पूछा कि “जब भाजपा के ही सांसद स्व. रामस्वरूप शर्मा की मृत्यु हुई, तब उनके परिवार ने लगातार सीबीआई जांच की मांग की थी। लेकिन तब केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद जांच क्यों नहीं करवाई गई? आज विमल नेगी मामले में ये दोगली राजनीति क्यों?”
Author: Dharampur Express
Himachal Pradesh