धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर
सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य के इतिहास में पहली बार कोषागार (ट्रेजरी) बंद करने की नौबत आई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आर्थिक स्थिति को बेहतर बताने के दावे कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि करोड़ों रुपये के बिल पास होने के बावजूद उनका भुगतान नहीं हो रहा है और ट्रेजरी पर ताले लग गए हैं।
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि नाबार्ड और केंद्रीय योजनाओं का धन भी कर्मचारियों की वेतन जरूरतें पूरी करने के लिए डायवर्ट किया जा रहा है, जिससे प्रदेश का आर्थिक ढांचा बुरी तरह चरमरा गया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार अपने चहेतों पर सरकारी खजाना लुटाने में व्यस्त है, लेकिन आम जनता और कर्मचारियों को राहत देने में पूरी तरह विफल रही है।
उन्होंने ठेकेदारों की हालत पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार द्वारा काम करवाने के बावजूद उनके बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। बैंक से ऋण लेकर काम पूरे करने वाले ठेकेदार अब आर्थिक संकट में हैं।
राजेंद्र राणा ने सरकार की कार्यशैली को “कर्मचारियों और आम आदमी के खिलाफ” बताते हुए कहा कि यह सरकार प्रदेश की जनता के भरोसे को तोड़ने का काम कर रही है।
उन्होनें कहा कि यह सरकार चंद दिनों की है ज्यादा दिन चलने बाली नहीँ है, यह सरकार खुद जो हैं अपने बजन से गिरने बाली है।
Author: Dharampur Express
Himachal Pradesh