धर्मपुर एक्सप्रेस। हमीरपुर
भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता और उपचुनाव के मुख्य प्रभारी रणधीर शर्मा ने आज हमीरपुर में प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू और कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि उपचुनाव के प्रचार अभियान में कांग्रेस अनैतिक हथकंडों पर उतारू हो गई है। कहीं पर भाजपा द्वारा लगाए गए झंडों को सरकारी अमला उतारने में लगा हुआ है, तो कहीं भाजपा प्रत्याशी के पोस्टरों के फाड़ कर कांग्रेस के लोग अपने प्रत्याशी के पोस्टरों को उस जगह चिपका रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव को नैतिकता और लोकतान्त्रिक प्रक्रिया से लड़े जाने चाहिएं, लेकिन कांग्रेस ने इस बार अनैतिकता की साड़ी हदें पार कर दी हैं। यहाँ तक कि सरकारी स्कूलों में भी कांग्रेस के चुनाव प्रचार के कार्यक्रम किये जा रहे हैं, और कर्मचारियों को तबादलों की धमकियाँ दी जा रही हैं।
रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी की संभावित हार से मुख्यमंत्री घबरा चुके हैं। जानकारी के अनुसार इसी दर से वो 1-2 दिनों में हमीरपुर में डेरा डालने वाले हैं। यहाँ आकर मुख्यमंत्री जनता को फिर से ये कहकर गुमराह करेंगे कि क्योंकि वह हमीरपुर से हैं, इसलिए जनता कांग्रेस प्रत्याशी को वोट डाले। इसी तर्ज पर मुख्यमंत्री देहरा में जाकर कहते रहते हैं कि ” _देहरा, मैं हूँ तेरा_ “। भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि पहले वह ये सुनिश्चित कर लें कि उनका सम्बन्ध देहरा से है या हमीरपुर से। अपने नाम और स्थान की बजाय अगर सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने काम और सरकार की डेढ़ साल की उपलब्धियों पर वोट मांगेंगे तो बेहतर होगा।
रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने हमीरपुर को दिया तो कुछ नहीं, उल्टा पूर्व कि भाजपा सरकार द्वारा खोले गए संस्थानों को बंद करने का काम किया है। जनता उनको किसलिए अपना वोट दे, इसलिए कि उन्होंने लम्ब्लू और गलोड़ के डिग्री कॉलेज बंद करवा दिए, या फिर इसलिए कि बमसन क्षेत्र के प्राइमरी हेल्थ सेंटर और पशु चिकित्सालय पर ताला जड़वा दिया। यहाँ तक कि डिडवीं टिक्कर में जल शक्ति विभाग के सब-डिवीज़न और इंडोर स्टेडियम के बजट को भी इस सरकार ने गोलमोल कर दिया।
रणधीर शर्मा ने कहा कि सबसे बड़ा धोखा तो इस सरकार ने हमीरपुर और प्रदेश के हजारों-लाखों युवाओं और महिलाओं के साथ किया है। पहले साल में एक लाख युवाओं को नौकरी की गारंटी देने वाली इस कांग्रेस सरकार ने नौजवानों को नौकरी देने वाले सर्विस सिलेक्शन बोर्ड को ही भंग कर डाला। यदि भर्ती प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी थी तो उसकी व्यापक जांच करवाते, संस्थान को ही बंद कर देना इस बात का हल नहीं था। वहीं दूसरी ओर प्रदेश की प्रत्येक महिला को 1500 रूपए देने की झूठी गारंटी देने वाली इस सरकार ने अपने पिछले दो बजटों में महिला सम्मान निधि के लिए कोई प्रावधान नहीं किया है। हाल ही में हुई वित्त आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वयं कहा कि प्रदेश की वित्तीय हालत इतनी खस्ता है की अगले वर्ष सरकारी कर्मचारियों के वेतन भत्तों और सेवानिवृत लोगों की पेंशन देने तक के भी पैसे नहीं होंगे। ऐसे में महिला सम्मान निधि के लिए पैसा कहाँ से आएगा, ये भी मुख्यमंत्री को जनता के आगे स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया है की 100 रूपए प्रति लीटर की दर से दूध और 2 रूपए प्रति किलो के हिसाब से गोबर की खरीदारी सरकार कब करेगी, ये भी उन्हें बताना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री और सरकार पर आरोप लगते हुए कहा कि कांग्रेस झूठी गारंटियों के दम पर चुनाव जीतना चाहती है, लेकिन हमीरपुर की जनता सजग है और कांग्रेस को वोट के जरिए करारा जवाब देगी।
Author: Dharampur Express
Himachal Pradesh